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बिहार में परिवहन विभाग के नए नियम के वजह से सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा लेने में आ रही हैं दिक्कतें

बिहार में परिवहन विभाग के नए नियम के वजह से सड़क दुर्घटना के पीड़ितों को मुआवजा लेने में आ रही हैं दिक्कतें

Posted at: Dec 9 , 2021 by Swadeshvaani
स्वदेश वाणी

स्वदेश वाणी (डिजिटल डेस्क):  बिहार में नया नियम लागू होने के बाद सड़क दुर्घटना के हताहतों में मुआवजा लेने की दिलचस्पी कम हो गई है। परिवहन विभाग की ओर से बनाए गए नियम को लागू हुए लगभग तीन महीने होने को हैं, लेकिन अब तक मात्र 100 लोगों ने ही डीटीओ कार्यालय में आवेदन दिया है, जिसमें से 10 की मंजूरी मिली। जबकि चार लोगों को ही सरकारी सहायता मिल सकी है।

हालांकि, नए नियम के तहत डीटीओ कार्यालय में आवेदन देने की जटिलता के कारण दुर्घटना में हताहत हुए लोग या उनके परिजन इसमें दिलचस्पी नहीं दिखा रहे हैं। दरअसल, पहले सड़क दुर्घटना होने पर मृतक के परिजनों या घायलों को सरकारी सहायता आपदा प्रबंधन विभाग के माध्यम से मिला करती थी।

दरअसल, प्रखंड कार्यालय में लोग आवेदन दिया करते थे और जिलों से पैसा मिलने पर हताहतों को पैसा आसानी से मिल जाया करता था। कई मामलों में तो डीएम की पहल पर दुर्घटना के दिन ही लोगों को पैसे मिल जाते थे। आपदा प्रबंधन के माध्यम से मृतक के परिजनों को चार लाख मिला करता था।

बता दे की, 15 सितंबर से राज्य में बिहार मोटरगाड़ी (संशोधन-एक) नियमावली-2021 लागू किया गया है। इस नियम के बाद राज्य में सड़क दुर्घटना के फलस्वरूप गंभीर रूप से घायल व्यक्ति को 50 हजार और मृतक के आश्रितों को पांच लाख दिए जाते हैं। परिवहन विभाग ने इसके लिए बिहार वाहन दुर्घटना सहायता निधि नाम से रिवॉल्विंग फंड का गठन किया है।

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