Logo

ब्रेकिंग न्यूज़

जब पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक के काबिल नही तो उनसे मजिस्ट्रेट ड्यूटी कराना कितना उचित :  संजय दूबे

जब पारा शिक्षक सरकारी शिक्षक के काबिल नही तो उनसे मजिस्ट्रेट ड्यूटी कराना कितना उचित : संजय दूबे

Posted at: May 17 , 2021 by Swadeshvaani
स्वदेश वाणी         

कोविड ड्यूटी में लगे पारा शिक्षकों के लिए बीमा कवर एवं सुरक्षा किट की मांग

बरही(हजारीबाग) : झारखंड सरकार द्वारा घोषित स्वास्थ्य सुरक्षा सप्ताह के तहत जारी कोविड गाइड लाइन का सख्ती से पालन कराने के लिए बरही के पारा शिक्षकों को बतौर मजिस्ट्रेट ड्यूटी देने के मामले को झारखंड पारा शिक्षक संघ ने गंभीरता से लिया है। प्रदेश अध्यक्ष संजय दुबे ने इस मामले में सवाल उठाते हुए कहा है कि पारा शिक्षकों को स्थायी करने में सरकार के पास कई अड़चने आ रही है। उन्हें सरकारी शिक्षक के तौर पर मान्यता देने ने संविधान आड़े आ जाता है तो फिर आज पारा शिक्षकों को मजिस्ट्रेट बनाकर क्यों तैनात किया जा रहा है। जिस पारा शिक्षक को सड़क पर उतारा जा रहा है, उन्हें सरकार के द्वारा कोई सुरक्षा नही दी गई है। इनसे फ्रंट लाइन वर्कर के रूप में काम लिया जा रहा है लेकिन इन्हें सुरक्षा एवं जीवन बीमा से वंचित रखा गया है। ऐसे में पारा शिक्षकों को कोविड काल मे बिना सुरक्षा एवं अतिरिक्त लाभ दिए ड्यूटी पर तैनात करना समझ से परे है।दुबे ने मुख्यमंत्री से मांग किया है कि यदि आपको लगता है कि पारा शिक्षक काबिल हैं, इनमे मजिस्ट्रेट बनने एवं मजिस्ट्रेट का पवार का उपभोग करने की क्षमता  हैं तो फिर स्थायीकरण एवं वेतनमान देने में कोताही एवं देरी क्यों। इस मामले में संजय दुबे ने मांग किया कि मजिस्ट्रेट एवं कोविड ड्यूटी में लगाये गए सभी पारा शिक्षकों को बीमा कवर एवं कोविड कीट उपलब्ध कराया जाय। यदि दोनों मांग पूरी नही कर सकते तो कोविड ड्यूटी से पारा शिक्षकों को मुक्त रखा जाय। पारा शिक्षकों की मांगो पर तुरन्त विचार किया जाय।


Tags:

रिलेटेड खबरें

चर्चित खबरे

पहला पन्ना